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रैलियन आंदोलन

 FAQ #16

What's with the Swastika?
The star of David represents infinity in space whereas the swastika represents infinity in time i.e. there being no beginning, no end in time and everything being cyclical.
Learn the truth about this 'good luck' symbol at ProSwastika.org.


  

 Category: The Messages of the Elohim

  • इलोहीम को किसने बनाया?
    यदि हम भगवान में विश्वास रखते है, फिर शायद हम यह भी पूंछेंगे कि "भगवान को किसने बनाया है". यदि हम उत्क्रांतिवाद एवं "बिग बैंग थ्योरी" में विश्वास रखते है, फिर शायद हम यह भी पूंछेंगे कि "यह इतना सारा मैटर (वस्तुमान) और ऊर्जा कहा से आयी थी, जिसनें बिग बैंग को बनाया?".
    इलोहीम के बारे में, यह उसी तरह समान है - उनका निर्माण भी आसमान से आए हुए लोगों के द्वारा किया गया था, इलोहीम के लिए वे लोंग उनके रचनाकार थे. यह जीवन का एक अनंत चक्र है. एक दिन पृथ्वी के वैज्ञानिक भी किसी अन्य ग्रह पर जाकर वहां, वे आबादियाँ बढाएंगे.
  • उन्हें एक दूतावास की आवश्यकता क्यों है?
    वे आक्रमणकारियों में से नहीं हैं. उन्होंने अपने आने की मंशा जरुर दिखाई है, परंतु वे हमारी "ना" कहने कि पसंद का भी उतनाही सम्मान करते हैं. उन्हें यहाँ आमंत्रित करना यह पूर्णतः हम पर निर्भर करता है, और उनके लिए हमारे निमंत्रण का प्रतीक है एक दूतावास. कम से कम हम यह तो जरुर कर सकते है.
    दूतावास कि तटस्थता, ओपन एयर स्पेस और अधिकारीक स्वागत के बिना, एक अघोषित एवं अवांछित लैंडिंग दुनिया भर में भारी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नतीजों के साथ व्यापक, विनाशकारी परिणाम लेकर आ सकती है. वे रैलियन दर्शनशास्त्र के अलावा ना ही किसी अन्य संस्था से संपर्क करना चाहते हैं और ना ही किसी भी सरकार, धर्म या विचारधारा का समर्थन करना चाहते हैं. इस प्रकार वे तभी आएंगें जब हम उनके लिए एक दूतावास का निर्माण करेंगे, यह उनका प्यार और सम्मान है, हमारे प्रती.
    उनके निर्देशों के बाद, रैलने रैलियन आंदोलन की स्थापना की, एक ऐसा गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन जो सबकों एक साथ लाने एवं जो कोई भी मदद करना चाहता है उनसे जुडने के लिए है. यह एक पूरी तरह से खुला संगठन है जो सच्चाईओं को सूचित करने के लिए है ना की उन्हें समझाने के लिए है, इस संगठन में किसी को भी, कभी भी अपनी इच्छानुसार मदत करने, संमेलित होने एवं संगठन छोड़ने की स्वतंत्रता मिलती है, रैलियन आंदोलन के कोईभी सदस्य को किसीभी प्रकारके वेतन का भुगतान कभी नही किया जाता, खुद रैल को भी नही.
  • वे क्यों खुदको हम सब लोगों के सामने दिखाते नहीं, ताकि फिर हमारे पास उनका सबूत होगा जो रैल के दावे कि पृष्टि कर रहा होगा?
    जरा इस परिदृश्य की कल्पना करने के लिए एक मिनट ले लो... रचनाकार-निर्माता जो हमारे अस्तित्व के लिए जिम्मेदारी का दावा कर रहें है, वे अचानक पृथ्वी पर या उसके आकाश में दिखाई देने लगे ताकि उससे हम सब को उनके आस्तित्व का सबूत मिल सके. कल्पना करो यह आगमन एक परग्रहीय "अंतरिक्ष यान" से हो रहा है.
    कैसी प्रतिक्रिया होगी लोगों कि, जब वे सब वास्तव में मानवीय आकृति को देखेंगे जो परग्रहीय "अंतरिक्ष" यान से बाहर निकल के आ रही हो? संभावना है कि वे लोंग उन्हें गलती से आक्रमणकारी या घुसपैठिया समझ बैठे, जिसके परिणामस्वरूप सेनाएँ उनकी इस धमकी का प्रतिशोध लेने के लिए सुसज्जित हो जाएँगी. मुलाकात ठीक से होने से पहले, दोनों पक्षों से समझ का एक निश्चित स्तर आवश्यक होगा ताकि मुलाकात शांतिपूर्ण ढंग से जगह ले सके.
    रैल ने कहा है कि हमारे आस्तित्व-मूल में उनकी भूमिका को हमें समझाने के लिए इलोहीम किसी भी तरह के "चमत्कार" का प्रदर्शन नहीं दिखलाएंगे जैसा कि उन्होंने ईसा मसीह के काल में किया था. शानदार घटनाओं द्वारा इलोहीम के शक्तियों का प्रदर्शन करने के बावज़ूद भी, विपक्षीयोंने दर्शनशास्त्र की शिक्षाओं के खिलाफ जाकर ईसा मसीह को सूली पर चढ़ा दिया था. निश्चित रूप से उस समय इन "चमत्कारोंको" सबूत के तौर पर नहीं देखा गया था.
    इसे ध्यान में रखना आवश्यक है कि इलोहीम हमसे पूजन नही चाहते, परंतु बजाय इसके वे चाहते है हमारा प्रेम और सद्भाव उनके प्रती एवं एक-दुसरे के प्रती. वे चाहतें है हम सत्य को सम्पूर्णतः समझे इसी आशा के साथ कि हम लोंग उनसें सीखेंगे एवं एक दिन हम भी अपार ज्ञान के संचय में योगदान देंगे जों ब्रह्मांड में मौजूद है, इस प्रकार हम सभी के लिए चेतना कि प्राप्ति कर पाएंगे.
    यह इतिहास में एक बेहद खास समय है, हमारे अस्तित्व के तंत्र को पूरी तरह से समझने के लिए हमनें आज पर्याप्त रूप में तकनीकी ज्ञान को अर्जित किया हुआ है. हालांकि सरल शब्दों में कहा जाए तो, ये संदेसे हमारे आस्तित्व-मूल की वास्तविकता को समझने आवश्यक सभी बुनियादी जानकारी को सांजा करती है, हमारे वर्तमान ग्रह में है अशांति की स्थिति, और क्या बदलाव (Paradigm) हमारे लिए मानवता के रूप में हमारी क्षमता तक पहुँचने के लिए क्रम में लिया जाना चाहिए.
    अगर वह समय आता है तब, इलोहीम वास्तव में आमंत्रित अतिथियों के रूप में हमसें मुलाकात करना चाहते है जहाँ उस ग्रह पर सभी सचेत और जागरूक व्यक्ति, जों उनका स्वागत करने हेतु तैयार हैं.
  • How can Raelians believe in what one man is saying?
    Everything that is said in Rael's books is confirmed and backed up by all the ancient religious writings, legends, traditions, as well as modern science. Evidence for traces of contacts between humanity and beings from another planet can be found throughout history, on all continents. And if you look at all the scientific developments in our society nowadays, all this was announced by Rael 32 years ago already.
    The Raelian philosophy is one of understanding and not believing, that's why Rael himself asks you not to believe him blindly but to do your own research and see if the pieces of the puzzle match for you.

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