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रैलियन आंदोलन

इलोहीम का दूतावास

embassyरैलियन आंदोलन, एक गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है. यह उनकों एकत्रित करता है, जो अपनी वास्तविक उत्पत्ति के बारे में मानवता को बताना चाहते हैं एवं इलोहीम के द्वारा भेजे गए बहुत विशेष संदेशों के बारे में लोगों को सूचित करते है, इलोहीम, अत्यधिक उन्नत पर्ग्रहीय वैज्ञानिक जिन्होंने पृथ्वी पर सम्पूर्ण जीवन का निर्माण किया, मनुष्य वंश सहित.
लेकिन केवल इस ज्ञान का प्रसार करना ही रैलियन आंदोलन का सम्पूर्ण लक्ष्य नहीं है. हमारे संगठन का एक और प्राथमिक मिशन है, हमारे रचनाकारों की वापसी का स्वागत करने हेतु एक आधिकारिक दूतावास का निर्माण करना.
उनकें दूत द्वारा, रैल के माध्यम से इलोहीम ने सम्मान से आना एवं हमारे साथ मिलने की इच्छा व्यक्त की है. लेकिन उनकी उपस्थिति का यहाँ पृथ्वीपर स्वागत होगा केवल उसी समय वे यहाँ आएंगे, यह उनकी मंशा है, वे पूंछते हैं कि पहले तो हम उन्हें आमंत्रित करना चाहते है इस हमारी इच्छा का प्रदर्शन हमें करना होगा, जिसका जरीया होगा एक उपयुक्त दूतावास का निर्माण जो हमें उनके आगमन के अग्रिम में निर्मित करना होगा.

वह दूतावास तीसरे मंदिर के रूप में बन जाएगा जैसे की प्राचीन शास्त्रों में भविष्यवाणी बताई गई है. इलोहीम द्वारा प्रकट किए विशिष्टताओं के अनुसार, यह एक तटस्थ स्थान में बनाया जाना चाहिए जिसें क्षेत्रियता का अधिकार दिया गया हो एवं जहां तटस्थ एयर स्पेस की गारंटी दी गई हो. इस तरह एक दूतावास प्रदान करकें एवं उसके रहने वालों के अधिकारों के लिए आवश्यक गारंटी प्राप्त करने से, मानवता उसके रचनाकारों के साथ एक आधिकारिक बैठक के लिए तैयार है, यह साबित होगा.

(दूतावास की विस्तृत योजना और अनुरोधित विशेष वर्णन इस लिंक पर उपलब्ध हैं www.ElohimEmbassy.org .)

रैलियन आंदोलन ने हाल ही में दूतावास परियोजना की मेजबानी पर विचार हेतु कई देशों को पूछा, और उनमेसे कईओने इस तरह के भूमि आवंटन प्रयास में दिलचस्पी के संकेत दिए है. पहले से ही उनकें साथ प्रारंभिक चर्चा हो रही हैं!
विभिन्न सरकारों के समक्ष प्रस्ताव रखा हुआ है, जैसे की प्रस्तुत दस्तावेज में दिखाया गया है, दूतावास निर्माण के लिए जो भी देश मेजबानी करने आगे आएगा उनके लिए अंतरिक्ष से हमारे पिता पर्याप्त वित्तीय लाभ साथ लाएंगे. वह भाग्यशाली राष्ट्र इलोहीम के विशेष संरक्षण का भी आनंद प्राप्त कर पाएंगे एवं आने वाली कई सदियों तक वह देश इस ग्रह का आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक केंद्र बन जाएगा.